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- वरदानो की शक्ति
वरदानों की शक्ति (Power of Blessings). This is Hindi 25 points article on Power of blessings, inspired by Avyakt Murlis. Do SHARE this article (blog post) to many others... * शिव भगवानुवाच :-* 1.) जैसे मैं इस ड्रामा को साक्षी होकर देखता हूँ वैसे तुम भी देखो तो बाप समान बन जाएंगे। 2.) स्वस्थिति श्रेष्ठ है तो परिस्थितियां बदल जाएगी, तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकेंगी। 3.) तुम सिर्फ मुझे याद करो, तुम्हारे लिए सोचने का काम भी मैं करूँगा। 4.) तुम अपनी श्रेष्ठ पोजीशन में रहो तो कोई भी अपोजीशन कर नही सकता। 5.) तुम अपने श्रेष्ठ स्वमान में रहो तो वहां हर गुण व शक्ति का नशा सदा इमर्ज रूप में रहेगा। 6.) तुम्हारा सोचना, देखना सम्पूर्ण बनने का आधार है, तुम्हारी दृष्टि से आत्माएं और प्रकृति पावन बन रही है। 7.) ज्ञानसूर्य से शक्ति लेकर सबको देना यह मुख्य सेवा है बाकी सेवाएं तो निमित्त मात्र हैं। 8.) स्वभाव में सरल और पुरुषार्थ मे अटेंशन रख चलो तो नम्बरवन में आ जाएगी। 9.) तुम बाप की याद मे रहो तो प्रकृति विनाश के समय तुम्हारे समीप आकर एक फुट की दूरी पर रुक जाएगी। 10.) जब तुम अपने आप को सम्पूर्ण रीति से जान जाओगे तो सम्पूर्णता को प्राप्त कर लेंगे। 11.) तुम अपने को निमित्त समझकर चलो, जिम्मेवार मैं हूँ- यह स्मृति सब जिम्मेवारियों से हल्का कर देगी। 12.) यह सेवाएं तो तुम्हे बिजी रखने के लिए हैं, तुम्हारा लक्ष्य तो स्वयं परिवर्तन से विश्व परिवर्तन करना है। 13.) याद का बल उन बच्चों को मिलता है जो ऑनेस्ट हैं और जो सच्चे बाप से सच्चे होकर चलते हैं। 14.) बाप अपने को निमित्त समझकर निश्चिंत रहता है और बच्चे अपने को जिम्मेवार समझ कर परेशान रहते हैं। 15.) सर्वस्व त्यागी बनो तो सरलता और सहनशीलता का गुण आ जाएगा। 16.) जो बच्चे स्वमान की सीट पर सेट रहते हैं और उनका जिम्मेवार बाप है, जो नही रहते उनके जिम्मेवार वे स्वयं हैं। 17.) जितना बाप की याद में रहेंगे तो बाप के साथ का व बाप की छत्रछाया का अनुभव होता रहेगा। Video: Yaad aur Farista stage (Avyakt murli clip) 18.) जो त्यागी और तपस्वीमूर्त हैं भाग्य उनके आगे-पीछे दासी के समान आता है। 19.) तुम सुख के सागर के बच्चे हो, तुम्हे संकल्प में भी दुख की लहर नही आ सकता। 20.) बुध्दि रूपी विमान से सेकंड में वतन में पहुँच सर्वशक्तिमान बाप की किरणों का अनुभव करना ही शक्तिशाली योग है। (Refer: आत्मा की 8 शक्तियां) 21.) तुम कल्याणकारी बाप के बच्चे हो, स्वप्न में भी तुम्हारा अकल्याण नही हो सकता। 22.) तुम नॉलेजफूल आत्माएं संसार को रोशन करने वाले हो, तुम्हारे जीवन में एक सेकंड भी अंधकार नही हो सकता। 23.) तुम्हारे भाग्य का निर्माण स्वयं भाग्यविधाता बाप ने किया है, भाग्यविधाता ही तुम्हारा हो गया है। 24.) जो बच्चे परमात्मा प्यार में खोए रहते हैं उन्हें संसार का कोई भी आकर्षण आकर्षित नही कर सकता। 25.) जो आत्माएं बाप के नयनों में समाई रहती हैं माया की नजर उन पर पड़ नही सकती। * ॐ शांति * ----- Useful links ----- मुरली से कविता (Murli Poems) विशेष हिन्दी कविताये परमात्मा का परिचय All BK Articles - Hindi & English RESOURCES - Everything audio BK Google - Search the divine . #Hindi #brahmakumari #brahmakumaris
- हनुमान जयन्ती पर विशेष
हनुमान जयंती के अवसर पर यह सुंदर कविता प्रस्तुत करते हैl आशा है बहुतो को पुरुषार्थ मे प्रेरणा देंगी l हनुमान जयन्ती पर लघु कविता श्री राम के प्रति रखा जिसने समर्पित भाव सदा ही आज्ञाकारी का था उसका स्वभाव कामना नहीं थी पाने की मान और सम्मान नहीं था उसके जीवन में अहंकार का भान जिसकी नस नस में भरी थी स्वामी भक्ति धर्म के लिये लगाई थी उसने अपनी शक्ति अचल अडोल रहा सदा वो अपने इरादों पर खरा उतर दिखलाया अपने सभी वादों पर ऐसे महावीर हनुमान का जन्म दिन मनाओ उसके गुणों को खुद में धारण करते जाओ * ॐ शांति * हनुमान जयन्ती की शुभकामनायें Useful links All Articles - Hindi & English Online Services (all covered) Videos Gallery - Hindi & English शुद्ध विचार सुखी जीवन का आधार खेल ये मन के संकल्पों का बहुत ध्यान से खेल बढ़ाते जाना एक दूजे संग शुद्ध विचारों का मेल समान विचारों के बल से ही वातावरण बदलता समस्याओं का समाधान इसी विधि से निकलता शुभ भावना भरे संकल्पों से चरित्र बनता महान सफलता के शिखर पर चढ़ना हो जाता आसान नहीं होते कोई वैर विरोधी ना होता व्यर्थ विवाद श्रेष्ठ चरित्र तब ही बनता जब होता शुद्ध संवाद चिंता की रेखा मिटकर आती चेहरे पर मुस्कान सुखी बनता जीवन मिटता दुख का नाम निशान पांचों तत्व भी पावन बन जाते शुद्ध विचारों से पतझड़ से मुक्ति पाकर परिचय होता बहारों से शुद्ध विचार ही करते सारी दुनिया पर उपकार शुद्ध विचार से बन जाता सुखमय सारा संसार आज से अपने मन में शुद्ध विचार ही अपनाना सात्विक विचार से जीवन सबका सुखी बनाना * ऊँ शांति * Get mobile apps (Android & iOS) BK Google - A divine search engine for BKs
- राम, सीता, हनुमान, रावण कौन?
प्रश्न : राम , सीता , हनुमान व रावण कौन हैं? - रामायण के पत्रों का अध्यात्मिक रहस्य। What is the Spiritual Significance of Rama, Sita, Hanuman and Ravana? What or whom does these names represent? ✅उत्तर : वास्तव में परमात्मा ईश्वर को ही ''राम'' कहा जाता है। हम सभी आत्माए उनकी सीता रूपी पत्नी है। हममें से जो आत्माए राम (परमपिता परमात्मा) की श्रीमत पर चलते है, वे हनुमान जैसे आज्ञाकारी है। रावण वास्तव में कोई मनुष्य नहीं लेकिन ५ विकार रूपी माया को ही रावण कहा जाता है। परमपिता परमात्मा यही श्रीमत देते है की इन विकारो को जीतो। निर्विकारी व पवित्र बनो। अभी भगवान हमे रावण की लंका (नर्क) से निकाल, सतयुगी सुखमय स्वर्ग में ले जाते है - इसलिए अब पवित्र जरूर बनो। 1. राम राम वास्तव में निराकार शिव है जो संगम युग पर धरा पर अवतरित हो कर अपनी बिछड़ी हुई सीता ( सतयुगी आत्मा ) को रावण ( विकारों ) के चंगुल से छुड़ाने आया है । 2. सीता हर वह आत्मा जो वास्तव में पवित्र है परंतु आज रावण के चंगुल में फँसी हुई दूख़ी व अपवित्र है । 3. रावण पतित व विकार युक्त सोच व धारणा ही रावण है जिसमें फँसी हर आत्मा आज विकर्मों के बोझ तले दबती जा रही है। पाँच मुख्य विकार पुरुष के व पाँच विकार स्त्री के ही रावण के दस शीश हैं । 4. हनुमान वास्तव में धरा पर अवतरित हुए परमात्मा को सर्वप्रथम पहचानने वाली आत्मा ( ब्रह्मा बाबा ) ही हनुमान हैं परंतु हर वह आत्मा जो ईश्वर को पहचान दूसरी आत्माओं ( सीता ) को धरा पर आए ईश्वर ( राम ) का संदेश देने के निमित बनती है वह भी हनुमान की तरह ही है । 5. वानर सेना साधारण दिखने वाली मनुष्य आत्माएँ ईश्वर ( राम ) को पहचान कर, संस्कार परिवर्तन द्वारा पूरानी दुनियाँ या रावण राज्य ( पतित सोच पर आधारित दुनिया ) को समाप्त करने में राम का साथ देने वाली संसार की ३३ करोड़ आत्माएँ ही वानर सेना है। 6. लंका पूरानी पतित दुनियाँ यहाँ हर कार्य देहभान ( body consciousness ) में किया जाता है वह रावण नगरी लंका है l ओम शान्ति 🤴 ---- Useful links ---- Navratri Spiritual Significance Spiritual Significance of Raksha Bandhan All General Articles - Hindi and English RESOURCES - For Everything BK Google - our Search engine . #Hindi #brahmakumari #brahmakumaris
- मनमनाभव का अर्थ (ManManaBhav)
* मुरली के मनमनाभव शब्द का यथार्थ अर्थ * मनमनाभव होना ही सबसे बड़ा मनोरंजन है क्योंकि सर्व सम्बन्धो का रस वा अनुभूतियां करना ही मनमनाभव है। सिर्फ बाप ,टीचर ,सतगुरु के रूप में नही बल्कि सर्व सम्बन्धो के स्नेह का अनुभव कर सकते हो लेकिन फर्क क्यों पड़ जाता है? एक है दिमाग से नॉलेज के आधार पर सम्बन्ध को याद करना और दूसरा है दिल से उस सम्बन्ध के स्नेह में , लव में लीन हो जाना....आधा तो करते हो बाकी आधा रह जाता है इसलिए थोड़ा समय तो ठीक रहते हो , थोड़े समय के बाद सिर्फ दिमाग से ही सम्बन्ध को याद करते हो तो दिमाग मे दूसरी बात आने से दिल बदल जाता है ,फिर मेहनत करनी पड़ती है....ऐसे में कहते है हमने याद तो किया ,परमात्मा हमारा कम्पेनियन है लेकिन कम्पेनियन ने तोड़ तो निभाई नही , अनुभव तो कुछ हुआ नही... क्यों ? क्योंकि.ये दिमाग से याद किया , दिल मे स्नेह को समाया नही। याद दिमाग से होती है तो निकलती भी जल्दी है लेकिन दिल मे समाई हुई याद को चाहे सारी दुनिया भी दिल से निकालना चाहे तो भी नही निकाल सकते। हर सम्बन्ध को स्नेह से , दिल से अनुभव करो.. जिस समय , जिस सम्बन्ध की आवश्यकता है उसी प्रमाण दिल से याद करो जैसे आवश्यकता है फ्रेंड की और याद करो बाप के रूप में तो मज़ा नही आएगा । स्नेह से जिस सम्बन्ध की अनुभूति चाहिए, उसे दिल से अनुभव करो तो मेहनत भी नही लगेगी , बोर भी नही होंगे, सदा मनोरंजन होता रहेगा। अब मेहनत से निकलो। अपने स्वमान तो देखो, परमात्मा का कितना प्यार है आप सबसे प्यार है तब तो पत्र लिखते है अर्थात मुरली में उत्तर भी देते है और याद प्यार भी देते है,अगर कोई क्वेश्चन उठता है , कोई समस्या सामने आती है ,आप सोचते हो और सूक्ष्म वतन के कम्प्यूटर में आ जाता है तो मुरली से आपको रेस्पॉन्स मिलता है। बेहद के पत्र में सबके क्वेश्चन का उत्तर होता है सिर्फ दूसरे दिन की मुरली को उस विधि से देखो कि जो मैंने सोचा उसका उत्तर क्या है ? * मनमनाभव का अर्थ - Soul talk Ep.15 * परम आत्मा की महिमा ही है मुश्किल को सहज करने वाले, ऐसा बाप आपके साथ है साथी के रूप में तो कोई मुश्किल हो सकती है? फिर क्यों मुश्किल करते हो? बाप स्वयं आफर करते है कि जिस समय जैसा सम्बन्ध चाहिए वैसे रूप में साथी बनाओँ फिर भी किनारा कर देते हो और कहते हो कि बोरिंग लाइफ हो गई है अकेलापन फील होता है , श्रेष्ठ जीवन साधारण जीवन अनुभव होता है , कुछ चेंज चाहिए। वैसे तो एक तरफ बाप को खुश करने के लिए कहते है कि हम तो कम्बाइंड है और फिर दूसरी तरफ कहते है अकेले हो गए हैं । कम्बाइंड कभी अकेला और बोर हो सकता है क्या? ज्ञान सागर को दिल से कम्पेनियन नही बनाया है क्या ? कितना भी गहरा काला बादल सूर्य की रोशनी को छिपाने वाला हो लेकिन आपके पास ऑटोमैटिक डायरेक्ट परमात्म लाइट का कनेक्शन है सिर्फ चेक करो कि लाइन कलीयर है या कोई लीकेज है। डायरेक्ट लाइन में इतनी लाइट है कि स्वयं तो लाइट में होंगे ही लेकिन औरों के लिए भी लाइट हाउस हो जाएंगे। बाप से मिले अपने स्वमान और प्राप्तियों की स्मृति के स्विच ऑन करो तो अंधकार भाग जाएगा। जब सहारे को और अनुभव को किनारे कर देते हो तो मेहनत करनी पड़ती है । मार्ग मेहनत का नही है लेकिन हाई वे की बजाय गलियों में चले जाते हो व मंज़िल के निशाने से आगे बढ़ जाते हो तो लौटने की मेहनत करनी पड़ती है। परमात्मा स्नेह और सहयोग से मंज़िल की ओर लेकर जा रहे है फिर भी साथी को छोड़ देते हो। बाप के लव में लीन हो जाओ , लवलीन होकर हर कार्य करो तो मेहनत समाप्त हो जाये। ( अव्यक्त बापदादा : 18.2.94 ) 1. मैं आत्मा हूँ। 2. मैं आत्मा सर्व शक्तियों से सम्पन्न हूँ। 3. मैं आत्मा परमपिता परमात्मा की संतान हूँ। 4. मैं आत्मा भगवान के नयनो का नूर हूँ। ---- Useful links ---- शिव बाबा को कैसे याद करे ? शिव बाबा की मुरली और याद का पुरुषार्थ आज की मुरली से कविता BK Articles - Hindi & English Articles & Question-Answers Blog . #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- स्वमान और पुरुषार्थ क्लास BK Suraj bhai
पुरुषार्थ और स्वमान अभ्यास पर ब्रह्माकुमार सूरज भाई के क्लास से लिए गए 16 पॉइंट्स। बाबा ने भाई द्वारा इस क्लास में पुरुषार्थ के लिए बहुत प्रेरणाएं दी है। सभी ब्रह्माकुमारी व कुमार जरूर पढ़े और SHARE करे। 16 important (main) points from BK Suraj bhai's class. आज बाबा ने सूरज भाई जी द्वारा ब्राह्मणों को अपसेट से सेट होने की विधि बताई, स्वमान की सीट पर सेट रहने के लिए कुछ बातों पर घ्यान देना जरूरी है:- 【1】हमारी स्थिति से ही हम परिस्थिति पर विजय प्राप्त सकते हैं। हम यदि छोटी-छोटी बातों में अपसेट होंगे तो श्रेष्ठ स्थिति कभी नहीं बन पाएगी। 【2】बाबा ने कहा है कि जो स्वमान की सीट पर सेट हैं, कभी अपसेट नहीं होते उनकी जिम्मेदारी स्वय परमात्मा लेते हैं। जो सदा अपसेट रहते हैं उनकी जिम्मेदारी कभी नहीं लेते हैं। 【3】अभी कलियुग है, चारों ओर तमोप्रधानता ही तमोप्रधानता है, चारों तमोगुणी आत्माएं अभी तो और बढ़ना है, इस सब को स्वीकार करना है, इस समय हमें दूसरों को न देख स्वय को देखना है, जितनी स्वस्थिति श्रेष्ठ होगी, उतनी हमारे और हमारे घर परिवार कि स्थिति श्रेष्ठ होगी। 【4】संगमयुग पर जिसने अपने चित्त को शांत करना सीख लिया उसे कोई भी परिस्थिति अपसेट नहीं कर सकती है। इसके लिए अपने विचारों को महान बनना है। हमारे महान विचार ही संसार को रोशन करेंगे। 【5】हर परिस्थिति में चुप रहना है। जिसने चुप रहना सीख लिया वो शक्तिशाली आत्मा है। हर आत्मा अपना अपना पार्ट बजा रही है। किसी के पार्ट को नहीं देखना है। 【6】कभी अमृतवेला मिस नहीं करना है। वो समय अपनी आत्मा को भरपूर करना है। शक्तियों से व वरदानों से भरना है। फिर पुरे दिन परिस्थिति में अपसेट नहीं होंगे। 【7】ट्रैफिक कंट्रोल के समय तीन मिनट मैं मास्टर ज्ञान सूर्य हूं, ज्ञान सागर से किरणें ले फिर पुरे घर पर फैलाए तो घर के विघ्न दूर हो जाएंगे। 【8】कोई भी विघ्न या समस्या आए तो 21 दिन की भट्ठी करें- "मैं विध्न विनाशक आत्मा हूं" तो सब विघ्न दूर होंगे यह भट्ठी सब कर सकते हैं। 【9】भाग्य विधाता बाप साथ है, वो हमारा साथी बना है, उसको साथ रखें। कभी भी कोई परिस्थिति आए तो बाबा को बहुत प्यार से बुलाओ- मीठे बाबा आ जाओ.. वो हमारे स्नेह में बंधा हुआ है। 【10】बाप-दादा का घर पर कम से कम 5 बार आह्वान करें, बाबा के साथ सारे घर पर चक्र लगाए, पुरे घर में शांति की, कभी पवित्रता की किरणें फैलाए। 【11】बुद्धि को कुड़ा-दान मत बनाओ, बुद्धि को सोने का बर्तन बनाओ, ज्ञान रत्नो से भरपूर करो, वरदानों से, शक्तियों से भरो। बुद्धि में व्यर्थ बातों से मत भरो। 【12】बातें बड़ी नहीं होती, हम सोच-सोच कर बड़ा बना देते हैं। इसलिए अपनी स्थिति को बड़ा बनना है। हमारी स्थिति, परिस्थिति से ऊंची है। 【13】बातों को पकड़ कर नहीं रखना है। जो बीत गया वो पार्ट हो गया, इसलिए उसे याद कर नहीं करो। 【14】घरों के माहौल को शांत रखें। एक-दो कि मदद करें, घर में हर आत्मा को स्वीकार करना है, कोई की भी बुराई नहीं करनी है। 【15】अपने को सुखी रखना हमारे हाथ में है। आगे परिवर्तन का समय तेजी से आ रहा है। एक तरफ जय जयकार होगी और दूसरी तरफ हाहाकार। 【16】हमें अपने को महान बनना है। हमें संसार की आत्माओं की सेवा करनी है। छोटी-छोटी बातों में अपसेट नहीं होना है, आगे बढ़ना है। अपनी स्थिति को महान बनना है। * शुक्रिया बाबा शुक्रिया * * ''Swamaan'' - BK Suraj bhai class * ---- Useful links ---- Audio Classes (playlist) - Hindi & English Daily Gyan Murli - Audio Daily Murli Poems RESOURCES - Everything Audio Get our mobile apps . #brahmakumari #brahmakumaris #Hindi
- आज का पुरुषार्थ 14 April 2019
★【 आज का पुरूषार्थ】★ Hear Aaj Ka Purusharth from Peace of Mind TV channel for 14 April 2019. Watch PMTV Live Topic: 'Ekagrata' (Power of Concentration) बाबा कहते हैं ... बच्चे, एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाओ, क्योंकि समय अनुसार एकाग्रता की शक्ति की अत्यधिक आवश्यकता है। एकाग्रता की शक्ति वाला ही अचानक के paper में pass हो पायेगा। यदि अभी-अभी पुरूषार्थ खत्म हो जायें, तो आपकी result क्या होगी...? देखो बच्चे, पुरूषार्थ इसी तरह अचानक ही खत्म होगा...! और जिस बच्चे ने स्व-स्थिति के आसन पर अर्थात् ऊँच स्वमान में स्थित होने का और बाप को अपने संग रखने का अभ्यास किया होगा, वो ही अचानक के paper में pass होगा। बच्चे सोचते हैं कि हम अचानक के paper में तो pass हो जायेंगे...! परन्तु अचानक का paper बहुत भयानक होगा...। जिस बात में आप कमज़ोर हो, अचानक का paper उसी बात का आयेगा ... और वो समय स्वयं के साथ-साथ बाप की याद भुलाने वाला होगा ... वो समय ऐसा होगा जिसमें आप विस्मृत हो जाओगे अर्थात् आप स्वयं ही परिस्थिति में या उस समय के बहाव में इतना ज्यादा उलझ जाओगे कि स्वयं की याद और बाप की याद भूल जायेगी...! परन्तु जो बच्चा अभी से ही..., • अपने ऊँच स्वमान में स्थित होने की drill बार-बार कर रहा है... • और साथ ही साथ अशरीरी बन अपने बाप (परमात्मा पिता) के पास घर जाने का भी पुरूषार्थ कर रहा है... • अर्थात् जो स्वयं को आत्मा realize कर, बाप के साथ सर्व सम्बन्ध जोड़ने का पुरूषार्थ कर रहा है... • अर्थात् बाप की श्रीमत पर चलने का 100% attention दे रहा है..., वो ही बच्चा अचानक के paper में बाप की मदद से ‘PASS WITH HONOUR‘ बन पायेगा...। इसलिए बच्चे, • स्मृति स्वरूप बनो...। • मन-बुद्धि को एकाग्र करने का अभ्यास बढ़ाओ...। बाबा बार-बार कह रहा है कि अचानक ... अचानक ... अचानक ...। तो इस बात की importance अर्थात् समय के महत्व को समझ ... बाप की समझानी के महत्व को समझ, पुरूषार्थ करो ... अन्यथा बाप भी कुछ नहीं कर पायेगा...। अन्तकाल आप अकेले हो जाओगे और वो घड़ी केवल पश्चाताप की होगी...। इसलिए सोच-समझकर अपने एक-एक second को सफल करो। अभी का पुरूषार्थ ही अन्तिम विजय का आधार है...। *अच्छा। ओम् शान्ति।* *【 Peace Of Mind TV 】* ---- Useful links ---- Aaj Ka Purusharth Audio Daily Murli Poems Online Service (many) Video Gallery - Hindi & English BK Google - Search the Divine . #Murli #brahmakumari #brahmakumaris
- 12 April 2019 आज की मुरली से कविता (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 12 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. Or Listen Audio Murli (Hindi & English) on our page: Daily Gyan Murli * मुरली कविता दिनांक 12-04-2019 * पुरानी दुनिया का हाहाकार बाप मिटाने आए नई दुनिया बनाकर जय जयकार कराने आए सबकुछ भुलकर जो खुद को पूरे बैगर बनाते सिर्फ वही बच्चे स्वर्ग में जाकर ऊंच पद पाते बाप आए हैं पुरानी दुनिया का झगड़ा मिटाने सारी तमोप्रधान दुनिया को सतोप्रधान बनाने अमरलोक में ना होगा झगड़े का नाम निशान हर कोई होगा वहाँ पांच विकारों से अनजान समझदारी रखकर बनो बाप के पूरे मददगार खत्म करो आपस में लड़ाई करने के संस्कार समय बहुत ही थोड़ा है पूरे पावन बन जाओ भूलो सारी दुनिया बाप की याद में खो जाओ पुरानी दुनिया के धन दौलत से बुद्धि निकालो सबकुछ भुलाकर खुद को पूरा बैगर बना लो बाप के प्यार में तुम हर बात को सहन करना सहनशीलता की धारणा में पड़ेगा तुम्हें मरना खुशी से मरकर बच्चों खुद में परिवर्तन लाओ सबके आगे सहनशीलता की मूरत कहलाओ मन बुद्धि को सदा खुशी की खुराक खिलाओ इसी विधि के द्वारा खुद को तन्दुरुस्त बनाओ *ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all covered) Resources - Divine collections Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A BK Google - A divine search engine for BKs Get mobile apps (Android) . #Murli #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- 10 April 2019 आज की मुरली से कविता (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 6 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. Or Listen Audio Murli (Hindi & English) on our page: Daily Gyan Murli * मुरली कविता दिनांक 10-04-2019 * कौन हमें पढ़ाने वाला बुद्धि में निश्चय बिठाओ पढ़ाने वाले को लेकर संशय में कभी ना आओ माया दुश्मन तुम बच्चों को अंत तक सताएगी इतनी आसानी से वो तुम्हें छोड़कर ना जाएगी जरा सी गफलत पर वो बाप की याद भुलाएगी तुमसे विकर्म करवाकर फिर से असुर बनाएगी बच्चों के बुलावे पर ही बाप परमधाम से आते घर ले जाने के लिए बच्चों का देहभान तुड़वाते हम बच्चों को बाप ऐसा कर्म करना सिखलाते लौटकर फिर हम कलियुगी संसार में नहीं आते बाप की पढ़ाई को तुम जीवन में जब लाओगे सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी का मर्तबा तभी पाओगे बाप हमको पढ़ाते ये निश्चय और नशा चढ़ाना इसी पढ़ाई से तुम खुद को सतोप्रधान बनाना ज्ञान घृत से आत्मा का दीपक रखना जलाकर माया का तूफान कोई ना जाए तुमको हिलाकर मन-बुद्धि को हर झमेले से किनारे लेकर जाओ उड़ती कला में जाते हुए बाप से मिलन मनाओ हीरो स्मृति रखकर जब अपना पार्ट बजाओगे सारे कल्प के लिए हीरो पार्टधारी कहलाओगे * ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all covered) Resources - Divine collections Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A BK Google - A divine search engine for BKs Get mobile apps (Android) . #Murli #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- आज की मुरली से कविता 6 April 2019 (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 6 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. Or Listen Audio Murli (Hindi & English) on our page: Daily Gyan Murli * मुरली कविता दिनांक 06-04-2019 * बाप 21 जन्मों के लिए बच्चों का दिल बहलाते बच्चों को फिर मेले मलाखड़े याद कभी न आते बाप के सहयोगी बच्चों को काल कभी न खाता हर बच्चा 21 जन्म की अमरता का इनाम पाता शांति स्थापन के बदले में जो इनाम बाप से पाते ऐसा इनाम दुनिया वाले स्वप्न में भी सोच न पाते सुखमय दुनिया में बच्चों तुम्हें काल नहीं खाएगा लम्बी आयु भोगकर तुम्हें नया तन मिल जाएगा पूरे कल्प में संगमयुग ही सबसे उत्तम कहलाता इसी युग में बाप बैठकर ड्रिल करना सिखलाता शांतिदाता बाप बहुत प्यार से बच्चों को पढ़ाता उनका सानिध्य पाने वाला सुख बेहद का पाता नजरों से दिखने वाली हर चीज को तुम भुलाना अपनी बुद्धि में घर और राज्य की स्मृति जगाना रजिस्टर अवश्य रखो अपने कैरेक्टर सुधार का पुरुषोत्तम बनकर कल्याण करो सारे संसार का बाप के आदेश पर बुद्धि को खाली करके सोना सदा के लिए व्यर्थ विकारी सपनों से मुक्त होना सच्ची सेवा करके तुम सबका आशीर्वाद पाओ तकदीवान आत्मा होने का टाइटल सबसे पाओ * ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all covered) Resources - Divine collections Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A BK Google - A divine search engine for BKs Get mobile apps (Android) . #Murli #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- 3 April 2019 आज की मुरली से कविता (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 3 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. Or Listen Audio Murli (Hindi & English) on our page: Daily Gyan Murli * मुरली कविता दिनांक 03.04.2019 * बच्चों तुम अपने बाप के पास रिफ्रेश होने आते दुनियावी वायब्रेशन से न्यारे सत्य का संग पाते झरमुई झगमुई की संसारी बातें कभी ना करना अगर सुनाना चाहे कोई तो सुनी अनसुनी करना बाप की याद में रहकर तुम ईश्वरीय सेवा करना व्यर्थ बातें सुनने सुनाने में वक्त बर्बाद ना करना बाप के महावाक्यों को अपनी स्मृति में जगाना किसी भी सूरत में तुम ये महावाक्य ना भुलाना रचता रचना के ज्ञान में अपनी बुद्धि को चलाना ड्रामा का राज समझकर ही अपना पार्ट बजाना सबकी विशेषता देखना दाता की देन समझकर इसी विधि से चलते जाना आकर्षणमुक्त रहकर व्यक्ति और वैभव के आकर्षण में अगर आओगे बाप को भूलाकर तुम माया के वश हो जाओगे ऐसा रूहानी सोशल वर्कर खुद को तुम बनाओ हर भटकती आत्मा को अपने बाप से मिलाओ *ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all covered) Resources - Divine collections Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A BK Google - A divine search engine for BKs Get mobile apps (Android) . #Murli #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- आज की मुरली से कविता 2 April 2019 (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 2 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. * मुरली कविता दिनांक 02.04.2019 * सब तरफ से बच्चों तुम्हारी अब रग टूटती जाए ध्यान रखो विकर्मों से कुल बदनाम ना हो जाए सबको सुखी बनाने वाले बाप को बहुत लुभाते सेवा करने वाले बच्चे सदैव बाप को याद आते बाप के संग जो बच्चे बैठते खाते और बतियाते ऐसे मीठे बच्चे ही सदा बाप की नजरों में समाते पावन बनने की सहज विधि बताते हमें भगवान खुद को रूह समझो तो पावन बनना है आसान नाम रूप में अगर कहीं खुद को तुम फँसाओगे बाप की दृष्टि में तुम कुल कलंकित कहलाओगे एक दूजे को दुख ना देना काम कटारी चलाकर कभी ना करना ये गलती शरण बाप की पाकर बच्चों अपने अन्दर रूहानी हर्षितपना जगाओ यही संस्कार लेकर बच्चों दैवी दुनिया में जाओ माया के धोखे में आकर किसी को दुख ना देना खुद को समर्थ बनाकर अपने बाप से वर्सा लेना पाप आत्माओं के संग कोई लेनदेन नहीं करना निडर होकर हर बीमारी का हिसाब चुक्तु करना परिस्थिति ही शिक्षक बनकर पाठ पढ़ाने आती सहनशक्ति और सामना करने की शक्ति जगाती परिस्थितियों के आगे तुम बिल्कुल ना घबराओ खुद को समर्थ बनाकर तुम इन पर जीत पाओ मीठे मिजाज वाले सब पर खुशियां ही लुटाएंगे भूले से कभी किसी को वो दुख नहीं पहुंचाएंगे * ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all listed) Resources - Divine collection BK Google - A divine search engine for BKs Brahma Kumaris All useful Websites Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A . #Murli #brahmakumari #Hindi #brahmakumaris
- आज की मुरली से कविता 1 April 2019 (Today Murli Poem)
Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 1 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. * मुरली कविता दिनांक 01.04.2019 * आंखों से जो देख रहे वो सबकुछ मिट जाएगा यहाँ से वैराग्य जगाओ अब नव संसार आएगा शांति में बैठकर बच्चों तुम जीते जी मर जाओ अपने विकर्म इसी तरीके से दग्ध करते जाओ शान्तिधाम की स्मृति अपनी बुद्धि में बिठाओ अब घर जाना है ये मन में पक्का करते जाओ शान्तिधाम कहते उसको और कहते मुक्तिधाम वाणी से परे जहाँ रहते वो है प्यारा निर्वाणधाम पुराना तन छोड़कर हम सबको वहाँ पर जाना बाप का ज्ञान अच्छी रीति पढ़ना और पढ़ाना पवित्र बनने के लिए बाप हमें राजयोग सिखाते कामचिता से उठाकर हमें योगाग्नि में बिठाते पुरानी छी छी दुनिया के प्रति वैराग्य जगाओ योगबल से पवित्र बनकर नई दुनिया में जाओ हम ब्रह्मा मुख वंशावली का ऊंच कुल संसार पतित पावन परमात्मा के हम बनते मददगार याद की यात्रा में तुम ग़फलत कभी ना करना देहभान छोड़कर योग से पापों का नाश करना बड़े विकराल रूप लेकर माया आती ही रहेगी अगर माया से घबराए तो वो डराती ही रहेगी साक्षी होकर माया के सब खेल देखते जाओ मायाजीत बनकर इस खेल का मजा उठाओ अच्छा हुआ अच्छा हो रहा अच्छा होने वाला माया पर जीत पाता केवल यही सोचने वाला औरों के स्वभाव के वश खुद को ना जलाओ व्यर्थ की बातें छोड़कर सहनशील बन जाओ *ॐ शांति * ---- Useful links ---- Online Services (all listed) Resources - Divine collection BK Google - A divine search engine for BKs Brahma Kumaris All useful Websites Videos Gallery - Hindi & English Main Blog - Articles, Q & A . #Murli #Hindi #brahmakumaris #brahmakumari
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