top of page

गुलज़ार दादी प्रति अव्यक्त वतन से बापदादा के सन्देश

May 29, 2021
2 min read

Updated: Nov 8, 2021

आदरणीय राजयोगिनी दादी ह्रदय मोहिनी, जो गुलज़ार के नाम के जानी जाती है, 11 मार्च 2021 को महाशिवरात्रि के पवित्र मंगल दिवस पर सुबह के 8:40 को अपना देह छोड़ अव्यक्त वतन वासी बन गयी। यह blog post में आपको अव्यक्त वतन से संदेशी रुकमणी दीदी और संदेशी सुरेन्द्र दीदी द्वारा मिला बापदादा का सन्देश सुना रहे है।

Also read: Dadi Gulzar's death news (English ~official post)


Editor: (Update): गुलज़ार दादी ने वेदान्ति बहेन के शरीर में प्रवेश किया। वीडियो देखे (skip)

and

गुलज़ार दादी प्रति मिले सभी भोग सन्देश इस PDF में मिलेंगे ➤ https://files.brahma-kumaris.com/wp-content/uploads/2021/03/Gulzar-Dadi-Bhog-Sandesh-BKGSU.pdf


Dadi Gulzar sandesh

➤जैसे की ब्राह्मण परिवार की अलौकिक प्रथा रही है, हम आत्मा के शरीर छोड़ने के 12 दिन तक उनके प्रति भोग लगाते है। कई बार संदेशी को बाबा वतन में बुलाकर दृस्य दिखाते व सन्देश सुनाते है।


भोग सन्देश: Day 3

अमृतवेला योग के बाद १४ मार्च को संदेशी रुकमणी दीदी द्वारा अव्यक्त बापदादा के इस सन्देश में गुलज़ार दादी को वतन में पहली बार देखा।


भोग सन्देश: Day 9

आज 21 मार्च को हमारी प्यारी दीदी रुकमणी द्वारा बाबा ने यह सन्देश भेजा ➜


गुलज़ार दादी वतन में रहेगी: बाबा का भोग सन्देश

ब्रह्माकुमारी नेहा, जो मुंबई के गामदेवी सेंटर की incharge है, वो अव्यक्त वतन से मिले पिछले कुछ दिनों के सन्देश सुनाती है। इस सन्देश में बाबा ने स्पस्ट किया की गुलज़ार दादी वतन में बापदादा के साथ रहेगी, सेवा को बढ़ाने में सूक्ष्म सहयोग देंगी ➜


भोग संदेस: Day 7 (दीदी सुरेंद्र)

गुलज़ार दादी के अव्यक्त होने के सातवें दिन का यह भोग सन्देश दीदी सुरेन्द्र (वाराणसी सेंटर) द्वारा बापदादा ने भेजा ➜

(Update) गुलज़ार दादी ने वेदान्ति बहेन के शरीर में प्रवेश किया, दृस्टि दी, मधुबन देखा, और चली गयी। और इसी के बाद वेदान्ति बहेन वतन से यह सन्देश ले आयी ➤

Video:


Useful Links

Online Services (daily sustenance)

Comments


bottom of page