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हर दिन एक अवसर

𝐏𝐨𝐞𝐭: BK Mukesh Modi

हर दिन एक अवसर है, कुछ नया करने का
नए ढंग से जीने का, पुराने ढंग से मरने का

अपनी गलतियों से, खुद ही खुद सुधरने का
सबल होकर फिर से, कर्मक्षेत्र पर उतरने का

तो करो तैयारी जगाकर, आशा और विश्वास
आज करेंगे हम अपने, जीवन में कुछ खास

आज है अपने सामने, बीत गई कल की रात
आज करें हम नए नए, विचारों से मुलाकात

अपना स्वार्थ त्यागकर, बन जायें ईमानदार
श्रेष्ठ चरित्र बनायें हम, जगाकर शुद्ध विचार

दृढ़ता सम्पन्न होकर, बदलें अशुद्ध संस्कार
खुद में देवत्व जगाने का, स्वप्न करें साकार

योग बल से हम सब, पांच विकारों को मारें
जीत मिले हमें रावण से, हम कभी ना हारें

राम कृष्ण के संस्कारों को, जीवन में उतारें
दिव्यता अपनी देखकर, हमें ही सब निहारें ||

" ॐ शांति "

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