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स्वर्ग की बादशाही का ईनाम
𝐏𝐨𝐞𝐭: BK Mukesh Modi
भूल किसी की देखकर, मन इतना क्यों उखड़ा
त्यागकर ये उदासी, मुस्कान से भर ले मुखड़ा
सेवा स्थान पर मिलेंगे, तुझे कई टकराने वाले
तेरे मन की अवस्था, धरातल पर गिराने वाले
प्रभु याद से मन को, इतना बलवान बना ले
औरों का व्यवहार तुझ पे, कोई असर न डाले
कर्म किसी का देखकर, संस्कार तेरे न बिगड़े
तेरा भाग्य भवन कहीं, परचिंतन में न उजड़े
प्रभु के संग रहकर तू, बन जा अचल अडोल
कड़वी बातें सुनकर भी तू, हमेशा मीठा बोल
तेरे संकल्प ही बनेंगे, तेरे भविष्य का आधार
निस दिन लाता जा, अपने संकल्पों में सुधार
छोड़ इच्छा पाने की, दुनिया वालों से सम्मान
दिलतख्त पर तुझे बिठाने, आया खुद भगवान
सम्मान देना सबको, समझकर ईश्वरीय संतान
श्रेष्ठ कर्म कर इतने, जो खुश हो जाए भगवान
अपने व्यवहार से करना, बाला ईश्वर का नाम
स्वर्ग की बादशाही का, बाबा से पाएगा ईनाम
" ॐ शांति "
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