
शां ति की शक्ति
𝐏𝐨𝐞𝐭: BK Mukesh Modi
मैं आत्मा शांत स्वरूप, बाबा से मिली ये पहचान
मैं शांतिधाम की निवासी, शांति सागर की संतान
शांति की यह शक्ति हमारे, बड़ी काम आने वाली
सभी परिस्थितियों में, निर्णय शक्ति बढ़ाने वाली
देही अभिमानी स्थिति ही, शांति की शक्ति बढ़ाती
दैवी गुणों के संग संग, हर प्राप्ति सहज हो जाती
अमृतवेला के समय भरो, स्वयं में शांति की शक्ति
कल्प कल्प के लिए पाओगे, माया रावण से मुक्ति
बाहर कभी न ढूंढ़ो इसे, शांति हमारे गले का हार
शांति जीवन में आएगी, जब करोगे इसका विचार
अपने जीवन को शांति से, इतना भरपूर बनाओ
अपने चलन चेहरे से, शांति की मूरत कहलाओ
जिसने सच्चे\हृदय से, शांति का गुण अपनाया
हर असंभव कार्य उसे, संभव होता नज़र आया
शांत स्वरूप रहने का, जो रोज करता अभ्यास
सम्पूर्णता की मंजिल, सहज आती उसके पास
सबको देना निरन्तर, शांति की शक्ति का दान
कल्याण समाया है इसमें, ये सेवा बड़ी महान
शांति की अपार शक्ति, अपने अन्दर ख़ूब बढ़ाओ
प्रभु से सौगात स्वरूप, शांति का साम्राज्य पाओ ||
" ॐ शांति "
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