top of page
old paper bg.jpg

आ गई देवियाँ नवरात्रा वाली

𝐏𝐨𝐞𝐭: ब्रह्माकुमारीज़, माउंट आबू

धूम मची धरती पे, छाई खुशहाली
आ गई हैं देवियाँ, नवरात्रा वाली
करो दर्शन, रहो ना सवाली
इनकी महिमा, निराली है निराली...।

संतुष्ट करती हैं, संतोषी मइया
पार्वती करती, पार नैया
ये गायत्री हैं ज्ञान वाली...।

दुर्गा सबकी, ये दुर्गुण हरती
लक्ष्मी सबकी, हैं झोली भरती
सरस्वती विद्या वाली...।

ब्रह्मचारिणी ये वैष्णो देवी
मांसा देवी, ये ज्वाला देवी
काली माँ बल देने वाली...।

शीतला यही हैं, शीतल करती
देवी वही जो सदा देती रहतीं
उमा यह उमंगों वाली...।

मंदिरों में की है जिनकी पूजा
ब्रह्माकुमारी यही बहनें, न दूजा
शिवशक्तियाँ शक्ति देने वाली...।

Suggested➜

golden waves in black bg.png
bottom of page