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लौकिक जीवन के लिए श्रीमत (Advice for loukik life)

One Brahma Kumar asks advice on how to deal with boss of his company (loukik job related). Here is our detailed response + Guidance. एक कुमार अपनी लौकिक जीवन के लिए राई लेते है - हमने विस्तार से गाइड किया है। जरूर पढ़े।

Original Email in Hindi

ॐ शांति मैने  अभी अभी ब्रह्मा कुमारी  का  बेजिक  कोर्स किया है और  मुजे  बहुत  बहुत  शांति  मिलि  है। शिव  बाबा  को मैंने  अपना  गुरु  बनाया  है। मेरा प्रश्न  यह है की मेरे  बोस हमेशा  मुजे  डाँटते  रहते  है एवं मुजे  हमेशा  गलत साबित  करने  पर  तुले रहते है.  क्यूंकि  मै  जिस  विभाग  मे  कार्य  करता  हु उस  विभाग मे  मेरा बहुत  ऊपर  तक  नाम  हो गया  है,  जो बात मेरे बोस  से  बर्दास्त  नहीं  होती.  इसी  लिए  मुजे समज  नहीं  आता  की उनके द्वारा  किये  गए  अपमान  या डांट का क्या जवाब  दू ?  मै  इसकी वजह से  हमेशा  चिंता  मे  रहता  हु , और कभी  कभी भय  मे  रहता  हु।

Our Email Response

To: जो भी इसे पढ़ रहे है 

From: परमपिता शिव बाबा की और से लाभ पत्र


पहले तो इस अंतिम और अनमोल संगम युगी जन्म मे परमात्मा (शिव बाबा) का बने हो, इसकी मुबारक. भगवान बाप को अपना गुरु बनाना अर्थात उनसे सुख और शांति को प्राप्त करना. यही बाप श्रीमत सुनते है रोज मुरली मे - कैसे हम मनुसी से देवता (लक्ष्मी वा नारायण) जैसा बने और अतः आने वाली नयी दुनिया मे हुमारा जन्म हो.

आपने जो श्रीमत माँगी, नीचे लिखा है - फॉलो ज़रूर करना.

अपने बॉस से यही जो नीचे लिखा है - 'AS IT IS' कहो. पहले तो आपको अपनी स्थिति शांत अर्थात योग्युक्त स्थिति बनानी है l फिर बॉस के पास जाना और कहो -

''बॉस, आपसे एक बात कहनी है. थोड़े समय के लिए मेरी यह बात सुनना l  आपकी खुशी के लिए में आपको एक ऑफर देता हू. अभी से जब भी आपको दुख हो रहा हो, वा आपको किसी और कारण से मेरी ज़रूरत पड़े, मुझे बुला लेना. फिर आपको जितना डांटना हो, में खुशी से सुनूँगा. '' Boss: क्यू भाई? आप: क्यूकी हम सभी एक परमात्मा (god) के बच्चे है. अर्थात आप मेरे भाई हुए. मेरा भाई दुख मे हो तो मुझे डाँटने से अगर उसे खुशी मिलती हो, तो मुझे भी खुशी मिलेंगी.

हम सभी आत्माए है, हमे आपस मे बहुत शांति और प्यार से रहना चाहिए. यही हुमारे परमपिता परमात्मा शिव का संदेश भी है. हम सभी यहा अपना अपना योग्य पार्ट बजा रहे है. हम जैसा कर्म करेंगे, वैसा फल पाते है - यह मैने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्ववीधयालय मे जाके सीखा.

तो आप निर्णय करे - क्या आपको मुझपर गुस्सा करना है, या प्यार से हम अपना अपना काम करे और कंपनी का भी ज़्यादा फ़ायदा हो...''

बस इतना ही कहना और देखो क्या होता है। शांत और स्टेबल रहते हुए यह कहना है। इससे आपको भी श्रीमत मिल गयी और अगर उस आत्मा ने समझा, तो उसका भी कल्याण. बहुत प्यार से यह ज्ञान समझना है। 

बाप कहते है - देखो बच्चे - ''सहन करना तुम आत्मा की एक शक्ति है. इससे तुम और भी शक्तिशाली बनॉगे.'' Sahan karne ki Vidhi -> http://bit.ly/2SbKr7C (अव्यक्त मुरली)

* 7 days course online (Hindi) -> https://www.brahma-kumaris.com/raja-yoga-course-hindi

योग में रहते जब आपने बाबा से मदद मांगी तो अनुभव हुआ न.. तो ऐसा है की जो आत्मा बाप की श्रीमत पर चलती है, तो ड्रामा भी उसका हमसफ़र बन जाता है।  अर्थात परिस्थिति आपकी स्थिति को बेहतर बनाएंगी। ड्रामा कल्याणकारी है। 

* राजयोग क्या है?

मैडिटेशन अर्थात राजयोग - एक प्राचीन विधि जो स्वयं परमात्मा के हम आत्माओ को सिखाई है - जिसे साधारण भाषा में ''याद'' करना कहते है।  हम बाबा को याद करते है -  १. पहले तो अपने को आत्मा समझो और जागृति लाओ।  २. फिर अपने साथी पिता परमात्मा को दिल से याद करो।  यह याद नेचुरल होती है। कोई जबरदस्ती नहीं - जैसे एक बच्चा अपने माता पिता को याद करता है न।  यह वीडियो देखे -> https://www.youtube.com/watch?v=oYrAkOx_55Q यह पेज - राजयोग क्या है? (English): https://www.brahma-kumaris.com/rajyoga-meditation और  यह योग के लिए music और guided कमेंटरी -> https://www.brahma-kumaris.com/rajyoga-meditation-music-commentary * Get mobile apps * For Android -  http://bit.ly/BkAndroidApps

For iPhone - http://bit.ly/iPhoneAppsBk


अच्छा नमस्ते 00

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