top of page
समर्पण से सम्पूर्णता (SpARC)
Book Description
इस पुस्तक में आपको पुरुषार्थ के लिए विशेष प्रेरणा मिलेंगी। जब आत्मा परम-आत्मा (शिव बाबा) को अपना तन-मन-बुद्धि समर्पण कर देती है, तो सम्पूर्णता की राह सरल बन जाती है, पुरुषार्थ नेचुरल हो जाता है, और जीवन प्राप्तियाँ से संम्पन्न हो जाता है।
समर्पण से सम्पूर्णता ब्रह्माकुमारीज़ के गहन आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित एक प्रेरणादायी कृति है, जो बताती है कि सम्पूर्णता का मार्ग केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण और निरंतर आंतरिक पुरुषार्थ से प्रशस्त होता है। यह पुस्तक आत्मा को देह-अभिमान, पुरानी वृत्तियों, व्यर्थ संकल्पों और संस्कारों से मुक्त होकर परमात्मा की श्रीमत पर चलने की प्रेरणा देती है।
मुरलियों, अव्यक्त महावाक्यों और ब्रह्मा बाबा के आदर्श जीवन के आधार पर यह स्पष्ट करती है कि अंतिम समय की तैयारी बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और संस्कारों की पवित्रता से होती है।
समर्पण, स्मृति, राजयोग और श्रेष्ठ पुरुषार्थ के व्यावहारिक सूत्रों से परिपूर्ण यह पुस्तक साधक को स्वयं का गहन आत्ममंथन करने और सम्पूर्णता की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। आध्यात्मिक जीवन में पूर्णता, ईश्वर-स्मृति और अंतिम समय की श्रेष्ठ तैयारी का लक्ष्य रखने वाले प्रत्येक साधक के लिए यह पुस्तक एक अमूल्य आध्यात्मिक मार्गदर्शिका है।
Also See➤

bottom of page
