top of page
'ड्रामा' - विश्व नाटक की समझ
Book Description
5000 साल और 4 युग का अनादि विश्व नाटक चक्र, जो यह जीवन का सुंदर खेल है- इसका अमूल्य ज्ञान हमे स्वयं निराकार परमपिता परमात्मा ने माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा दिया है। इस किताब में आपको विश्व नाटक के चक्र को, ४ युग (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, और कलयुग) को विस्तार से समझाया है। साथ में श्रेष्ठ युग (संगम युग) की विशेषता का वर्णन किया है। इसी समय (संगम युग) हम आत्माए अपने रूहानी बाप (शिव बाबा) से मिलान करते है, उनसे योग लगाते है, पवित्र बनकर अपना सुख शक्ति प्रेम का वर्षा लेते है।
NOTE: इस किताब में ज्यादातर पॉइंट्स साकार और अव्यक्त वाणियों से लिए गए है।
"जीवन एक नाटक है, और आप इसके मुख्य पात्र हैं"
क्या आपने कभी सोचा है कि इस ब्रह्मांड का एक निर्धारित क्रम है? कि हर घटना, हर मुलाकात, हर संकट पहले से लिखा हुआ है?
विश्व नाटक (ड्रामा) ब्रह्मा कुमारिस द्वारा प्रस्तुत एक अनूठी आध्यात्मिक दृष्टि है जो समय, भाग्य और सृष्टि के चक्र को समझाता है।
यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो:
● अपने जीवन के उद्देश्य को समझना चाहते हैं
● आध्यात्मिक ज्ञान की खोज में हैं
● भविष्य की चिंता से मुक्त होना चाहते हैं
● सत्य जानने के लिए तैयार हैं
Book on 𝐖𝐨𝐫𝐥𝐝 𝐃𝐫𝐚𝐦𝐚 𝐂𝐲𝐜𝐥𝐞 𝐨𝐟 𝟓𝟎𝟎𝟎 𝐲𝐞𝐚𝐫𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐟𝐨𝐮𝐫 𝐚𝐠𝐞𝐬 (𝐒𝐚𝐭𝐲𝐮𝐠, 𝐓𝐫𝐞𝐭𝐚 𝐘𝐮𝐠, 𝐃𝐰𝐚𝐩𝐚𝐫 𝐘𝐮𝐠, 𝐊𝐚𝐥𝐢𝐲𝐮𝐠 - 𝐚𝐤𝐚, 𝐆𝐨𝐥𝐝𝐞𝐧 𝐚𝐠𝐞, 𝐒𝐢𝐥𝐯𝐞𝐫 𝐚𝐠𝐞, 𝐂𝐨𝐩𝐩𝐞𝐫 𝐚𝐠𝐞, 𝐈𝐫𝐨𝐧 𝐚𝐠𝐞) - and Introduction and explanation of the 5th age - Conflence Age (Sangam Yug) in which God himself appears in world drama to re-establish the new world (Satyug).
Also See➤

bottom of page
