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श्री कृष्ण जन्माष्टमी का रहस्य
𝐏𝐨𝐞𝐭: Brahma Kumaris, Mt Abu
सर्वगुण मूर्त श्रीकृष्ण संपन्न हैं
निर्विकारी, कलाओं में संपूर्ण हैं
वो महान आत्मा, चोर हिंसक नहीं
भारतवासी मेरे, कुछ तो ज्ञानी बनना।
अच्युत माने, जो कभी मरते नहीं
देवता तो अमर हैं, वो मरते नहीं
व्याध के हाथों भगवान मारे गए
मेरे कृष्ण को मत, ये ग्लानि सुनाना।
कई पटरानियां, कई बच्चे हुए
लाज आती नहीं, ऐसा कहते हुए
गीता में काम को, जिसने शत्रु कहा
कामी कहकर उसे, न अज्ञानी बनाना।
सृष्टि के आदि में सुंदर अभिराम हैं
सृष्टि के अंत में वो बने श्याम हैं
कालिया ने डसा और काला किया
मार करके मिली छवि सुहानी सुनाना।
प्रभु परमधाम से धरती पे आए हैं
गीता गाने मनुज तन अपनाए हैं
गीता मां से लिया जन्म श्रीकृष्ण ने
ज्ञान परमात्मा का कल्याणी सुनना।
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