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नवरात्रि की नौ देवियाँ
𝐏𝐨𝐞𝐭: ब्रह्माकुमारीज़, माउंट आबू
शिवशक्तियाँ सेवा करके, बनाती ईश्वरीय परिवार
बड़े प्यार से शिक्षा देकर, बदलती हमारे संस्कार।
दुनिया के सब सुख त्यागकर, सेवा को अपनाया
तन, मन, श्वास और संकल्प को सेवा में लगाया।
योग-तपस्या की अग्नि में, पवित्र खुद को बनाया
दिव्य गुणों के गहनों से, खुद को आपने सजाया।
ज्ञान, गुण और शक्तियों की किरणें खूब फैलाई
हर शिवशक्ति पूनम के चन्द्रमा जैसी नज़र आई।
मैं क्या कहूँ इनकी प्रशंसा में, शब्द नहीं मेरे पास
इनकी ही पालना से जागा, हमारे मन में विश्वास।
आप सब हमारी दीदियाँ, नौ देवियों का अवतार
आपके माध्यम से ही, स्वर्ग बनेगा ये सारा संसार।
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