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जन्माष्टमी का सच्चा प र्व
𝐏𝐨𝐞𝐭: Brahma Kumaris, Mt Abu
ओ सर्वगुण संपन्न, संपूर्ण निर्विकारी
श्रीकृष्ण की महिमा न्यारी-प्यारी
16 कला संपूर्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम
संपूर्ण अहिंसक देवता, कहती दुनिया सारी।
प्रतिवर्ष पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आए
हर भारतवासी प्रेम, श्रद्धा से मनाए
किंतु उन्हें कहना छलिया, हिंसक, माखन चोर
व्यभिचारी मायावी, है कलंक अति घोर
लीला कहकर कर दी है, ग्लानि कितनी भारी
मारी भारतवासियों ने, निज पांव पर कुल्हाड़ी।
परम सत्य हैं परमपिता, शिव हैं गीता के भगवान
पिता के बदले नाम पुत्र का, लिख पाए नुकसान
ब्रह्मा तन के सारथी शिव, वे गीता ज्ञानदाता
यह रहस्य विदित होता तो, इतिहास बदल जाता
श्रीकृष्ण निराकार, शिव का संबंध बताएं
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का सच्चा पर्व मनाएं।
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