
बंधन मुक्त "रक्षा बं धन"
𝐏𝐨𝐞𝐭: Brahma Kumaris, Mt Abu
शिव बाबा लाए साथ में, बंधा लें मन के हाथ में
सबकी रक्षा करने वाला, पावन रक्षा बंधन
बंधन मुक्त बनाने वाला, बांधे रक्षा बंधन
शुभ हो बधाई हो, सबको राखी की बधाई।
जब मुसीबतों ने घेरा है, मुश्किल का घोर अंधेरा है
आशा और विश्वास का आया, पावन पुण्य सवेरा है
शिव बाबा विश्व रूपधारी, कल्याण करने आया है
सही समय पर सबका रक्षक, प्राण बचाने आया है
संकट से छुड़ाने वाला, जीवन नया बनाने वाला
खुशियां ये बरसाने वाला, बांधे रक्षा बंधन
बंधन मुक्त बनाने वाला, बांधे रक्षा बंधन।
कितनी सुचिता स्नेह भरा, भाई-बहन का नाता है
इस नाते की याद दिलाने, रक्षा बंधन आता है
शिव बाबा के हम सब बच्चे, घर अपना संसार है
आत्मा-आत्मा भाई-भाई, वसुधैव परिवार है
भाईचारा लाने वाला, प्रेम-प्यार बरसाने वाला
सुख-शांति सरसाने वाला, बांधे रक्षा बंधन
बंधन मुक्त बनाने वाला, बांधे रक्षा बंधन।
संगमयुग में पवित्रता का, प्रभु से पाए हम उपहार
प्राणों से भी हमको प्यारी, इसमें खुशियों का संसार
जब तक सूरज-चांद गगन में, जब तक चमकेंगे तारे
नहीं टूटने देंगे बंधन, कहते हम मिलकर सारे
चिंता मुक्त बनाने वाला, रोग-शोक मिटाने वाला
जीवन सफल बनाने वाला, बांधे रक्षा बंधन
बंधन मुक्त बनाने वाला, बांधे रक्षा बंधन।
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