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अनोखी राखी बहुत बधाई
𝐏𝐨𝐞𝐭: Brahma Kumaris, Mt Abu
रंग-बिरंगी राखी लाई, भाई-बहन का प्यार
सावन लाया झूम के, रक्षा बन्धन त्यौहार
अनोखी राखी आई है, बधाई सबको बधाई है।
प्यारे-प्यारे दो धागों में दोनों जहान हैं
खुशियाँ उमंगों के धरती-आसमान हैं
संगमयुग की राखी लाई पवित्रता उपहार।
प्यारे बाबा हैं लाए पावन-पावन हैं बंधन
मीठी मर्यादाओं का प्यारा-प्यारा कंगन
शक्ति और वरदानों का लाई है भंडार।
चमकेंगे जब तक सूरज-चंदा और तारे
नहीं टूटने देंगे बन्धन, कहते मिल सारे
बाबा-मुरली-मधुबन, इसमें है देवी परिवार।
भाई-बहन के पावनता का, ये रिश्तों की निशानी है
पवित्रता और प्यार की, इसमें भरी कहानी है
आशाओं के हम दीपक, करते हैं जग उजियारा।
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