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अमृत वेला का अनुभव (13)
𝐏𝐨𝐞𝐭: BK Mukesh Modi
आया हूँ मैं शिव सागर से मिलन मनाकर
सर्व आत्मिक गुण अपने अन्दर जगाकर
मन बुद्धि में हुआ है नव शक्ति का संचार
शुद्ध होता अनुभव करूँ अपना हर विचार
यही विधि मैं हर रोज अपनाता जाऊंगा
निरन्तर याद में रह सम्पूर्णता को पाऊंगा |
नींद खुली अमृत वेला ताजगी का अनुभव हुआ
प्रभु प्यार की शीतल हवा ने मेरे हॄदय को छुआ
आलस खत्म हुआ छा गई मेरे चेहरे पर मुस्कान
मन की आंखों से मुझे दिखने लगे शिव भगवान
मेरे ऊपर सर्व शक्तियों का उसने प्यार बरसाया
रूहानी शक्ति का अनुभव हुआ मन मेरा हर्षाया ||
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