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अमृत वेला का अनुभव (11)
𝐏𝐨𝐞𝐭: BK Mukesh Modi
अमृत वेला पावन पल में मिलते शिव भगवान
प्रेम शांति पवित्रता की किरणें देते हमको दान
सबका भाग्य सितारा बाप ही आकर चमकाते
सारे विश्व के समक्ष हमें विशेष आत्मा बनाते
सर्व गुण और शक्तियों की हमको बनाते खान
समदृष्टा बनकर हम देखेंगे सबको एक समान |
पहुंचा बाप के पास पंख उमंगों के लगाकर
प्रसन्न हुए बाबा भी मुझको सम्मुख पाकर
बरसने लगी शक्तियों की किरणें मेरे ऊपर
लगा जैसे कि प्यार बरस रहा है मेरे ऊपर
प्यार बाप का मेरी नस नस में समाने लगा
मेरा आत्मभान बाप का प्यार जगाने लगा
होकर मैं पूरा भरपूर साकारी तन में आया
अनुभव हुआ जैसे मैंने नव जीवन है पाया ||
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