
आया राखी का त्यौहार
𝐏𝐨𝐞𝐭: Brahma Kumaris, Mt Abu
आया राखी का त्यौहार, लाया खुशियों का उपहार
छाई मधुबन में बहार, भाई-बहन का यह प्यार
दो धागों में देखो समाया, दोनों ही संसार
प्यारे बाबा का यह प्यार, अपनी दादी का दुलार
आया राखी का त्यौहार, लाया खुशियों का उपहार।
परमधाम से परमपिता शिव, लाए पावन बंधन
मधुर-मधुर मर्यादाओं का, प्यारा-प्यारा कंगन
पवित्रता और दृढ़ता का बंधन, बांधे और बंधाएं
हम पावन बन जाएं, सबको पावन बनाएं
शक्तियों और वरदानों का, बांटें ये भंडार।
कैसे हम सुनाएं इसकी, महिमा अपरंपार
मीठे बाबा का प्यार, दादी मां का दुलार...
जिसने हमने जीवन पाया, जिसने भाग्य संवारा
बेहद यज्ञ की रक्षा करना, है कर्तव्य हमारा
हम मधुबन वालों पर, बड़ी है जिम्मेवारी
हमें सींचना सारे जग की, यह प्यारी फुलवारी।
मधुबन के माली मिलकर, प्यार से पाल रही हैं
मधुबन बेहद यज्ञ को, दिल से संभाल रही हैं
मधुबन-बाबा-मुरली, इसमें है देवी परिवार।
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