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भगवान तेरे घर का श्रृंगार

Bhagwan Tere Ghar Ka Shringar
00:00 / 03:49
murli flute songs

Artist/s

Asha Bhosle

Lyrics

दुल्हन बनी एक अभागिनी पिया की अर्थी लेकर चली सती होने चली वो सुहागनी अर्थी नहीं नारी का संसार जा रहा है भगवान तेरे घर का शृंगार जा रहा है (2) बजता था जीवन गीत दो सांसों के तारों में दो सांसों के तारों में टूटा है दुख का तार वो जा रहा है भगवान तेरे घर का शृंगार जा रहा है (2) जलना था तब तक तन की जलती रहे चिंगारी जलती रहे चिंगारी.. {x2} उजले को अब जीवन का अंगार जा रहा है भगवान तेरे घर का शृंगार जा रहा है (2) ऐसे बिछड़े दो साथी भवसागर की लहरों में ऐसे बिछड़े दो साथी (2) सजनी मजधार साजन उस पार जा रहा है भगवान तेरे घर का शृंगार जा रहा है... (2)
music and light
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