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"योग के प्रयोग"
Book Description
"योग के प्रयोग" केवल ध्यान की विधियाँ बताने वाली पुस्तक नहीं है, बल्कि ब्रह्माकुमारीज़ के राजयोग को जीवन के प्रत्येक क्षण में अनुभव करने की एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। ब्रह्माकुमारी परंपरा में राजयोग का अर्थ है स्वयं को आत्मा के रूप में पहचानते हुए परमात्मा शिव से मन और बुद्धि का सहज, जागृत और प्रेमपूर्ण संबंध जोड़ना। इसी आध्यात्मिक स्मृति से मन में शांति, शक्ति, पवित्रता और आनंद का संचार होता है, जो जीवन के विचारों, संस्कारों और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
यह पुस्तक राजयोग को केवल अमृतवेला या ध्यान के सीमित समय तक नहीं रखती, बल्कि दिनभर के छोटे-छोटे अभ्यासों, विभिन्न आत्मिक स्वरूपों के चिंतन और परिस्थितियों के अनुरूप योग के प्रयोगों के माध्यम से हर क्षण परमात्म स्मृति में रहने की प्रेरणा देती है।
"योग के प्रयोग" उन सभी साधकों के लिए एक प्रेरणादायक पुस्तक है जो राजयोग को केवल एक ध्यान-पद्धति नहीं, बल्कि जीने की श्रेष्ठ कला बनाना चाहते हैं। यह पुस्तक सिखाती है कि जब प्रत्येक विचार, प्रत्येक कर्म और प्रत्येक संबंध में परमात्म स्मृति का प्रकाश जुड़ जाता है, तब साधारण जीवन भी शांति, प्रेम, आनंद और आध्यात्मिक सफलता की एक सुंदर यात्रा बन जाता है।
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