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संपन्न बनने की सहज विधि
Book Description
"संपन्न बनने की सहज विधि" आत्मिक सम्पन्नता की ओर ले जाने वाला एक प्रेरणादायी संकलन है, जिसमें बापदादा की मुरलियों से चुने गए अनमोल ज्ञान-रत्नों के माध्यम से *सहज पुरुषार्थ और सम्पूर्णता* का मार्ग दिखाया गया है। पुस्तक का केंद्रीय सूत्र है, ‘मेरा बाबा’ की निरंतर स्मृति। जब ‘मैं’ और ‘मेरा’ का बोझ समाप्त होकर सब कुछ परमात्मा को समर्पित हो जाता है, तब याद सहज होती है, मन हल्का रहता है और जीवन में खुशी, निश्चिंतता, संतुष्टता तथा एकरस स्थिति स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगती है।
यह पुस्तक सिखाती है कि सम्पन्नता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि *श्रेष्ठ संकल्प, सच्ची दिल, ट्रस्टीपन, निमित्त भाव, परमात्म-स्मृति और शुभ भावना-शुभ कामना* को जीवन में उतारने से आती है। ‘एक बल, एक भरोसा’ और ‘बाप साथ है’ की अनुभूति साधक को परिस्थितियों में भी हल्का, निर्भय और प्रसन्न रखती है, जबकि हर आत्मा को सुख देना और दुआएँ देना आत्मिक सम्पन्नता को और गहरा करता है। इस प्रकार यह पुस्तक मेहनत से सहजता, बोझ से बेफिक्री और साधारण पुरुषार्थ से "कर्मयोगी-फरिश्ता तथा सम्पूर्ण अवस्था" की ओर बढ़ने की सुंदर विधि प्रस्तुत करती है।
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