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अभी नहीं तो कभी नहीं (कर्मभोग से कर्मातीत)

अभी नहीं तो कभी नहीं (कर्मभोग से कर्मातीत)

𝐋𝐞𝐧𝐠𝐭𝐡: 76 pages

Author

स्वाति विल्हेकर (गायगोले)

Genre

Purusharth, Revelations, world drama

Book Description

इस पुस्तक में लेखिका "स्वाति गायगोले" कर्म के गहन आध्यात्मिक रहस्यों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करती हैं। यह पुस्तक बताती है कि कैसे हमारे विचार, संस्कार और कर्म हमारे वर्तमान तथा भविष्य का निर्माण करते हैं, और कैसे कर्मभोग के चक्र से ऊपर उठकर कर्मातीत अवस्था का अनुभव किया जा सकता है। व्यावहारिक उदाहरणों और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से यह पाठक को आत्मपरिवर्तन, सकारात्मक जीवन-दृष्टि और आंतरिक शांति की दिशा में प्रेरित करती है। यह पुस्तक जीवन में श्रेष्ठ पुरुषार्थ करने की प्रेरणा देने वाला एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। ब्रह्माकुमारीज़ की शिक्षाओं के संदर्भ में यह आत्म-जागृति, सकारात्मक संकल्प और कर्मों की शुद्धता के माध्यम से व्यक्ति को कर्मभोग की सीमाओं से ऊपर उठकर कर्मातीत अवस्था की ओर बढ़ने का संदेश देती है।

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