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राजयोग का ७ दिवसीय कोर्स
Book Description
यह राजयोग के सम्पूर्ण ७ दिवसीय कोर्स की E-पुस्तक है। आत्मा अर्थात स्वयं का परिचय, परमपिता निराकार परमात्मा (शिव) का परिचय, सृष्टि के 5000 साल के नाटक चक्र व ४ युगो का विवरण, तीन दुनिया (निराकारी, आकारी, साकारी) का परिचय, मनुष्य आत्मा के ८४ जनम और भारत के आदि-मध्य-अंत की कहानी। आओ और जानो...
प्रजापिता ब्रह्मा (आदम) के शरीर के माध्यम द्वारा निराकार परमात्मा 'शिव' ने जो ज्ञान सुनाया है - यह राजयोग कोर्स उसी ज्ञान का सार (essence) है। इस ज्ञान को प्राप्त कर हम आत्मा की भुजी हुई ज्योति जगती है, और हम पवित्र बन, शिव बाबा (परमात्मा) की याद द्वारा अपनी दबी हुई शक्ति और गुणों को जागृत करते है। इसी याद द्वारा हम आत्माए पवित्र बन जाती है, अर्थात हमारे जनम जनम के विकर्म विनाश होते है - इसे ही हम राजयोग केहते है।
इस E-book को अपने सगे सम्बन्धियों को SHARE करे और उन्हें भी यह ईश्वरीय सन्देश दे- की हमारा रूहानी बाप, जिसे हम भगवान कहते है वो सृष्टि पर अपना कार्य करने अर्थात दुनिया को स्वर्ग बनाने आ गए है।...
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